पोर्न क्या होता है ?

Pornography rules in India

पोर्न फिल्म देखने वालों पर कई तरह के सर्वे हो चुके हैं. हर एक सर्वे में भारत कभी तीसरे नंबर पर रहा, कभी दूसरे नंबर पर. इसी बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि भारत में कितनी बड़ी संख्या में पोर्न देखा जाता है. पोर्न के शौक़ीन लोगों में पोर्न फिल्म का ज़िक्र आते ही उनका मन मचलने लगता है और उनके चेहरे पर एक अजीब सी खुशी की लहर दौड़ जाती है. अपनी कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए लोग पोर्न देखते जरूर हैं लेकिन इस विषय पर उनके मन में कई तरह के डर और उलझनें भी होती है. जिससे वे इन्हीं उलझनों और पोर्न की जानकारी के अभाव में अनजाने में एक बड़े गुनाह का भागीदार भी बन जाते हैं, और उनकी यही गलती उन्हें कानूनी पचड़े में फंसा देती है.

पोर्न क्या होता है ?

पोर्न की उलझनों को दूर करने के लिए सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि आखिर ये होता क्या है. अंजाने में कुछ गलत न हो जाए इसलिए सबसे पहले अश्लीलता होता क्या है, यह जान लें. समय-समय पर अश्लीलता की परिभाषा बदलती रहती है, और हमारे कानून में अश्लीलता पर कोई फिक्स पैमाना अभी निश्चित नहीं है. फिरभी मोटे तौर पर यह समझ लीजिये कि जिस चीज से किसी को सेक्सुअल उत्तेजना हो, उसे पोर्न या अश्लीलता कहते है. सेक्सुअली उत्तेजित करने वाली कोई भी वीडियो, फोटोग्राफ या लेखन अश्लीलता के अंतर्गत आते हैं.

भारत में पोर्न देखना गुनाह नहीं है

क्या भारत में पोर्न देखना गुनाह है ?

नहीं! भारत में पोर्न देखना गुनाह नहीं है, लेकिन पूरी तरह वैध भी नहीं है. फिर भी जब तक आप इसे पब्लिक्ली नहीं देखते हैं तब तक कोई गुनाह नहीं है. आप इस तरह की फ़िल्में प्राइवेटली अपने घर में देख सकते हैं. इस तरह के कंटेंट्स को आप अपने निजी मोबाइल, टीवी, लैपटॉप या किसी अन्य माध्यम से देख सकते हैं, या इस तरह की फ़िल्में या कोई अन्य चीज़े आप अपने पास रख सकते हैं. आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि यह लीगल तभी तक है जब तक आप इसे खुद तक या अपने पार्टनर तक सीमित रखते हैं, ऐसा नहीं करने पर हमारे क़ानून में सज़ा का भी प्रावधान है. इसलिए पोर्न को निजी ही रहने दें.

यह भी पढ़ें : शादी इसे कहते है, विवाह पर कुछ शुभ बातें

पोर्न गैरकानूनी कब है ?

भारत में पोर्न देखने की अनुमति है लेकिन इस तरह के कंटेंट्स को बनाना या किसी दूसरे के साथ साझा करना गैरकानूनी है. हमारे देश में चाइल्ड पर बनी अश्लील फ़िल्में पूरी तरह से प्रतिबंधित है. बल्कि यह पूरी दुनियाँ में प्रतिबंधित है और ऐसा होना भी चाहिए. हमारी प्रशाशन पिछले कुछ वर्षों से बच्चों पर बनी अश्लील सामग्री परोसने वाली बेवसाइट पर नज़रें रखे हुए थी. इस तरह की करीब 3000 से अधिक वेबसाइट्स को भारत में ब्लॉक कर दिया है. वैसे नैतिकता के आधार पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी का पक्षधर शायद ही कोई होगा, फिर भी ऐसी वेबसाइट ना देखें जिनमे बच्चों का शारीरिक शोषण होते दिखाया जा रहा हो.

पोर्न वीडियो

हमें यह जरूर जान लेना चाहिए कि अश्लील मैटेरियल्स को बेचना, इसे डिस्ट्रीब्यूट करना, तैयार करना या किसी को भेजना, या फिर इस तरह के आइटम्स को किसी भी माध्यम से दूसरे लोगों तक पहुँचाना गैरकानूनी है. अश्लील आइटम्स को पब्लिक प्लेस में ना देखें और ही ना पढ़ें. यह भी ध्यान रखें कि इस तरह की अश्लील सामग्री जबरदस्ती किसी को दिखाना भी गैरकानूनी है, चाहे वह आपका खास दोस्त ही क्यों न हो. आपत्तिजनक जैसी कोई भी चीज़ उनकी सहमति के बगैर कभी उनसे साझा ना करें.

यह भी पढ़ें : सेक्स एजुकेशन क्यों जरूरी है? किस उम्र में क्या यौन शिक्षा दें

किस उम्र से पोर्न देखना चाहिए ?

हमारे संविधान के अनुसार अश्लीलता हो या शादी हो, इसकी न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष निश्चित की गयी है. बढ़ती डिजिटल मीडिया की पहुँच की वजह से आजकल किशोरों का पोर्न वेबसाइट देखना आम बात होती जा रही है. अश्लीलता के बढ़ती प्रचलन की वजह से किशोरों का सबसे बड़ा नुकसान है. इस डिजिटल युग में लगभग सभी बच्चों के पास निजी कंप्यूटर या स्मार्टफोन और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है. इस परिस्थति में उन्हें अश्लील सामग्रियों से दूर रख पाना मुश्किल होता जा रहा है.

पोर्न फिल्म

यह भी पढ़ें : किशोरावस्था की समस्या Teenage Problems

आज की पीढ़ी एक ऐसी दुनिया में पल-बढ़ रही हैं जहाँ सेक्स एक खुला विषय है. ऐसे में यह बहुत ज़रूरी है, उन्हें ये बताया जाए कि वो ऐसे हालात में किस तरह का व्यवहार करें. उन्हें यह जानकारी देना बेहद ज़रुरी है कि अश्लीलता जिन्हें फिल्मों में दिखाया जाता है, वे सामान्य या असल जिंदगी का हिस्सा नहीं है. पोर्न वोबसाइट पर दिखाई गयी फिल्मों को ही ये बच्चे सही मान लेते हैं, जिसका परिणाम निश्चित रूप से अच्छा नहीं होता है.

क्या पोर्न फिल्मों की तरह ही असल जिंदगी है ?

पोर्न फ़िल्में हो, बॉलीवुड फ़िल्में हो या फिर हॉलीवुड फ़िल्में हो, फिल्म सिर्फ फिल्म होती है. फिल्मों को पब्लिक की और उनकी दिलचस्पी को ध्यान में रखकर बनाया जाता है. फिल्म में दिखाई गई स्टोरी हो, गाना हो या फिर अश्लीलता हो, उन्हें इस रूप में दिखाया जाता हैं जो हमारी असल जिंदगी से हटकर हो, तभी हम इसे देखने में दिलचस्पी लेंगे. इसलिए अश्लील फिल्मों में दिखाई गयी चीज़ों को असल ज़िन्दगी से दूर रखना ही बेहतर होगा.

यह भी पढ़ें : Advice on one night stand in Hindi

पोर्न फिल्मों का सच

पोर्न फिल्मों में मेल एक्टर को लगातार बहुत देर तक फीमेल एक्टर के साथ सम्भोग करते हुए दिखाया जाता है. इतना ही नहीं, मेल एक्टर्स के लिंग को भी असाधारण साइज में दिखाया जाता है. उनके लिंग को काफी देर तक तना हुआ दिखाया जाता है. फीमेल एक्टर्स के स्तन काफी बड़े-बड़े और आकर्षक दिखाए जाते हैं. इस तरह की फिल्मों में ऐसी कई चीजें दिखाई जाती हैं जो असल ज़िन्दगी में नहीं होती.

पोर्न फिल्मों में महिलाओं को जिस आक्रामक रूप में दिखाते हैं, वह रियल लाइफ में शायद हर किसी के लिए संभव नहीं है. हमें यह ध्यान रखना होगा कि बॉलीवुड की फिल्मों में जिस तरह से हीरो को उड़ता हुआ दिखाया जाता है वह पूरी तरह से काल्पनिक है, फिर भी ऐसा हमें इसलिए दिखाया जाता है ताकि हमारा मनोरंजन हो सके. ठीक वैसे ही पोर्न फिल्मों में भी हैं. पोर्न फिल्मों में दिखाए जा रहे किरदार पूरी तरह से प्रशिक्षित होते हैं, जिनके लिए यह महज़ एक व्यवसाय है. पोर्न फिल्मों में वे जो कुछ भी कर रहे होते हैं वो सिर्फ कैमरे तक ही सिमित रहता है. इसलिए इसे असल जिंदगी में लागू करना समझदारी नहीं है.

 

For more details click here.

Advertisements

Leave a Reply