बदसूरत लड़को को क्यों पसंद करती हैं खूबसूरत लड़कियाँ

महिला-पुरुष की अधिकतर जोड़ी या तो खूबसूरत होते है या बदसूरत. पति-पत्नी हैं तो दोनों ही सुन्दर होते हैं या दोनों ही बदसूरत या सामान्य से दिखने वाले होते हैं. कभी-कभी ऐसी जोड़ियाँ भी दिख जाती हैं जिसमे महिला बेहद सुन्दर और पुरुष बिलकुल बदसूरत होता है. ऐसी जोड़ी देखकर हैरानी होती है और मन में यही सवाल आने लगता है कि बदसूरत लड़कों को कैसे मिल जाती है इतनी खूबसूरत लड़की.

जहाँ तक बात लड़कों की है तो लड़कों को प्रायः खूबसूरत लड़कियाँ ही पसंद आती हैं लेकिन इस मामले में लड़कियाँ थोड़ी अलग होती हैं. लड़कियों को ऐेसे लड़के पसंद आते हैं जो उन्हें इज़्ज़त दें और प्यार करें. लड़कियाँ लड़कों के चेहरे की खूबसूरती नहीं देखती बल्कि और भी गुणों को देखती हैं. लड़कियों को साधारण दिखने वाले लड़के, खूबसूरत दिखने वाले लड़कों की तुलना में अधिक पसंद होते हैं. लड़का भले ही बदसूरत क्यों न हो अगर उसकी आंतरिक खूबसूरती लड़की को पसंद आ जाए तो वह उसे अपना साथी बना लेती है.

अभी कुछ दिनों पहले की बात है, मेरे जानने वाली दो लड़कियों की शादी तय हुई. मेरे आग्रह करने पर दोनों लड़कियों ने अपने-अपने मंगेतर से अलग-अलग मीटिंग रखवाई. दोनों जोड़ो से मिलने के बाद मुझे कुछ अटपटा लगा, क्योंकि दोनों के होने वाले पति शक्ल से बिलकुल ही बदसूरत थे. इसके विपरीत दोनों लड़कियाँ बेहद खूबसूरत थी. दोनों लड़कियाँ बदसूरत दिखने वाले इंसान के साथ अपना जीवन बिताने का निर्णय ले चुकी थी. उनका निर्णय मुझे बड़ा अटपटा सा लगा. मुझसे रहा न गया और एक-एक करके दोनों से मैंने पूछ ही लिया कि वे तो खुद इतनी सुन्दर हैं, फिर अपनी शादी करने के लिए बदसूरत शक्ल के लड़कों को क्यों पसंद किया ?

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बदसूरत boyfriend

एक लड़की का जवाब था कि खूबसूरत दिखने वाले लड़के अपने आप में ही रहना पसंद करते हैं और ऐसे लड़के दूसरों को अधिक अहमियत नहीं देते. उसने बताया कि उसे ऐसा लड़का पसंद है जो दिल से खूबसूरत हो, देखने में भले ही बदसूरत क्यों न हो. उसे लड़कों की आंतरिक सुंदरता आकर्षित करती है. उसे ऐसा लड़का पसंद है जो उसे एंटरटेन कर सके. जो उसे खुश रख सके. “ऐसा स्वभाव अक्सर बदसूरत लड़कों में ही होता है. आकर्षक व्यक्तित्व वाला लड़का कभी भी किसी को इम्प्रेस कर सकता है. हैंडसम लड़कों के साथ पार्टनर बदलने की सम्भावना रहती है. इसलिए उन पर विश्वास करना मुश्किल होता है. बदसूरत शक्ल वाले लड़कों के साथ धोखे की सम्भावना कम रहती है. यही वजह है कि बदूसरत पार्टनर के साथ असुरक्षा और संदेह नहीं रहता.

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जीवन साथी का हैंडसम होना ज़रूरी नहीं है, ज़रूरी है कि वह गुणवान हो. हर इंसान को अच्छी ज़िन्दगी के लिए गुणों का होना ज़रूरी है. उसके गुण हमेशा उसके साथ रहेंगे लेकिन लुक्स हमेशा किसी के साथ नहीं रहेंगे. एक अच्छी ज़िन्दगी के लिए जीवन साथी का मैच्योर होना ज़रूरी है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लड़का हैंडसम है या बदसूरत. फर्क इस बात से पड़ता है कि आप जिसके साथ अपनी ज़िन्दगी जीना चाहते हैं उसका स्वभाव कैसा है. पति हैंडसम हो लेकिन बद्तमीज़ हो तो ज़िन्दगी नर्क बन जाती है. पति हैंडसम है लेकिन आपकी तालमेल उसके साथ अच्छी नहीं हो तो ज़िन्दगी बोझ लगने लगती है.

मैंने जिसे शादी के लिए चुना है वह बदसूरत है. उसकी स्किन का कलर बेशक काला है लेकिन वह एक बहुत अच्छा इंसान है. उसकी नीयत काली नहीं है. उसकी सोच काली नहीं है. बदसूरत सिर्फ उसका चेहरा है, बाकी पूरा का पूरा वह खूबसूरत है. उसका ड्रेसिंग सेंस अच्छा नहीं है तो क्या हुआ उसका रिलेशनशिप सेंस बहुत अच्छा है”.

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बदसूरत husband

इस विषय पर दूसरी लड़की का जवाब पहली लड़की से कुछ अलग था. उसने बताया कि “मेरे पापा बहुत हैंडसम हैं और मेरी मम्मी से भी अधिक खूबसूरत हैं. अगर पति का हैंडसम और खूबसूरत होना ही ज़रूरी होता तब तो मेरी माँ को बहुत खुश रहना चाहिए था. लेकिन जब से मैंने अपने होश संभाले हैं तबसे अपनी मम्मी को शायद ही कभी खुश देख पायी हूँ, क्योंकि मेरे पापा कुछ करते नहीं थे, वे जुआ खेलते थे, वे हर दिन शराब में धुत होकर देर रात घर लौटते थे. घर में कोई बीमार है तो रहे, हम भाई बहनों की स्कूल फीस जमा नहीं होने की वजह से स्कूल से हमें निकाल दिया गया फिर भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा.

हम ने अपनी ज़िन्दगी में गरीबी देखी हैं. मुझे पता है कि बच्चों की पढाई के लिए पैसा कितना मायने रखता है. मैं जानती हूँ कि बीमार पड़ने पर सिर्फ पैसा ही काम आता है. रिश्तेदारों की अच्छी शुभकामनाएं और सांत्वना से दवा नहीं मिलती है. दवा के लिए पैसे चाहिए होते हैं. डॉक्टर की फीस के लिए आपका हैंडसम होना अर्थहीन है. इसलिए जीवन साथी होशियार, बोल्ड, कामयाब और अमीर होना ज़रूरी है, फिर चाहे उसकी सूरत कैसी भी हो. लड़का गोरा और चिकना हो लेकिन वह बद्तमीज़ हो तो उसकी खूबसूरती बेकार है. पति हैंडसम और रोमांटिक हो लेकिन कर्महीन हो तो सब बेकार है. पति काला, भद्दा या बेहद बदसूरत है लेकिन कर्मठ है तो ज़िन्दगी अच्छी जाएगी. पति बाहर से भले ही बदसूरत हो लेकिन समझदार और नेक दिल इंसान है तो ऐसे इंसान के साथ ज़िन्दगी गरीबी में भी अमीरी जैसी लगती है.

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बदसूरत pati

मैं बहुत खूबसूरत हूँ लेकिन मेरे होने वाले पति काफी बदसूरत हैं. मुझे पता है हमें एक साथ देखकर लोग हसेंगे और उनके मन में भी यही विचार आएगा कि इस लड़की को ऐसा बदसूरत लडका कैसे पसंद आया? लेकिन मैं उनके विषय में क्यों सोचूँ जो मेरे दुःख में काम नहीं आ सकते. मुझे अपनी फिक्र है. मुझे अपने होने वाले परिवार की चिंता है. मुझे पता है कि हमारा बच्चा भी शायद अपने पिता की ही तरह बदसूरत हो, फिर भी मुझे इन बातों का कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह बदसूरत ज़रूर होगा लेकिन पैसे के अभाव में उसे कभी स्कूल से नहीं निकाला जाएगा. पैसे के अभाव में दवा खरीदने के लिए उसे किसी से भीख नहीं मांगनी पड़ेगी”.

इन दोनों लड़कियों से बात करने के बाद मुझे दोनों की ही बातें पसंद आयी. ज़िन्दगी के यथार्थ को समझते हुए उन्होंने ऐसा निर्णय लिया था. वे बिलकुल सही सोच रही थी क्योंकि सुंदरता की परिभाषा हर इंसान के लिए अलग-अलग है. किसी को तन की खूबसूरती अच्छी लगती है तो किसी को मन की सुंदरता आकर्षित करता है. सच ही तो है बाहरी सुंदरता देखकर यह बताना कि कौन कितना सुंदर है या कौन कितना बदसूरत है आज के ज़माने में मूर्खता ही होगी.

 

Why do pretty women date/marry ugly men? Read on Quora

 

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