94 की एक Girlfriend. A Real Story in Hindi

मैंने एक बहुत खूबसूरत कहानी पढ़ी थी. एक अमेरिकन महिला की रियल स्टोरी थी. महिला 94 साल की उम्र में भी ज़िंदादिली के साथ अपनी ज़िन्दगी को एन्जॉय कर रही थी. ग़ज़ब की पॉज़िटिविटी, आकर्षक व्यक्तित्व, बेहद फ्रेंडली, उत्साही और उच्च मानसिकताओं से भरी थी.

उसकी इन खूबियों को देख लोगों को बेहद हैरानी होती थी. उसे देखकर लगभग सभी को आश्चर्य होता था कि इस उम्र में भी कैसे इतनी जोश और जूनून से भरी हुई थी वह. कोई इंसान अपनी ज़िन्दगी में इतना खुश कैसे रह सकता है ! कैसे कोई हर वक्त खुशियों से हँसता-मुस्कुराता रह सकता है ! उम्र के इस आखिरी पड़ाव में भी किसी इंसान के अंदर ज़िन्दगी को लेकर इतनी जिज्ञासाएँ कैसे हो सकती है ! जहाँ चारों तरफ हर इंसान थका-हारा और हताश होकर अपनी ज़िन्दगी को किसी तरह खींचे जा रहा है, वहीँ दूसरी तरफ कैसे कोई एक इंसान पॉजिटिव और बिंदास ज़िन्दगी गुज़ार सकता है ! आखिर इसका राज़ क्या है ?

कुछ लोगों से रहा न गया और एक दिन उन्होंने उस महिला की इस ज़िंदादिली का राज़ पूछ ही लिया.

महिला मुस्कुराते हुए बताने लगी कि ऐसी ज़िन्दगी जीना हर किसी के लिए आसान है. बेहद आसान है अगर कोई सचमुच ऐसी ज़िन्दगी जीना चाहे तो. उसने बताया उसकी खुशियों का राज़ ज़िन्दगी के प्रति उसका उत्साह और उत्सुकता है. उसने बताया कि क्योंकि मैं हमेशा पॉज़िटिव सोचती हूँ, इसलिए मैं हमेशा पॉज़िटिव और खुश रहती हूँ. मेरी ये जितनी भी खुशियाँ, जोश-जूनून, ज़िंदादिली या फिर मेरे सकारात्मक विचार मेरे बॉयफ्रैंड्स के लिए हैं.

”बॉयफ्रैंड्स ?”

उसका कहा यह शब्द लोगों को हजम नहीं हो रहा था, कि इस 94 की उम्र में भी बॉयफ्रैंड्स ? लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि इस उम्र में उसके बॉयफ्रैंड्स होंगे.

उसने प्रसन्नतापूर्वक जवाब दिया “विश्वास नहीं हो तो, शर्त लगा लो, वे शुरू से ही निरंतर आज भी मेरे वफादार साथी हैं.”

“प्लीज हमें उनके बारे में बताएँ” लोगों ने उससे आग्रह किया.

“मैं सुबह में जागती हूँ अपने फर्स्ट बॉयफ्रेंड की मदद से. वह है ‘विल पावर, मेरी इच्छा शक्ति.

मैं मॉर्निंग वाक के लिए जाती हूँ अपने दूसरे बॉयफ्रेंड के साथ, अर्थराइटिस यानि गठिया. गठिया पिछले 30 वर्षों से मेरा लगातार साथी रहा है.

मेरा तीसरा बॉयफ्रेंड मेरे पॉजिटिव सोंच हैं. अपनी हर शाम मैं अपनी इन्हीं पॉजिटिव सोंच के साथ गुज़ारती हूँ, इस उम्मीद में कि जो आया हैं उसे जाना भी हैं. संसार में मैं आयी हूँ तो जाउंगी, ठीक वैसे ही मेरे ये रोग भी जाने के लिए ही आये हैं. चूँकि एक दिन इन्हें मुझसे दूर होना है इसलिए जब तक ये मेरे पास हैं मैं इन्हें बहुत प्यार करती हूँ. इनके साथ मेरा हर पल सुखदायक होता है.”

सचमुच, जीवन के प्रति उस महिला की दृष्टिकोण की प्रशंसा करने में हम सक्षम नहीं हैं. उस महिला की तारीफ़ में सभी शब्द छोटे लगते हैं… गजब की मानसिकता है… और इसलिए वह अब भी 94 साल की उम्र में भी युवा है.

उसने अपने सभी दर्दो को मित्र के रूप में स्वीकार कर लिया, और आसानी से अपने गंभीर जीवन को प्यार करते हुआ जीती आयी है.

हर बार आपको एक समस्या का सामना करना पड़ता है, यह एक बीमारी या कोई जानलेवा रोग हो सकता है…

यह एक वित्तीय संकट या रिश्ते की खिट-पिट हो सकती है, यह मानना है कि इन परेशानियों के लिए आपको ही इसलिए चुना गया है क्योंकि आपमें इन्हें हैंडल करने की क्षमता है. विश्वास कीजिये ऐसे समस्यायों का भी होना एक गॉड गिफ्ट है.

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