Chanakya Niti in Hindi for Success

Chanakya Niti के अनुसार जहाँ आपकी कोई इज़्ज़त न हो. जहाँ आपका कोई दोस्त न हो. जहाँ आप अपना पेट नहीं पाल सकते. जहाँ आप कोई ज्ञान अर्जित नहीं कर सकते. उस देश में रहना व्यर्थ है.

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Chanakya Niti कहती है झूठा मित्र, बदमाश नौकर और दुष्ट पत्नी के साथ निवास करने से बेहतर है कि मृत्यु आ जाए.

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एक मूर्ख व्यक्ति को उपदेश देना व्यर्थ है. यदि कोई एक दुष्ट पत्नी का पोषण करता है. किसी नकारात्मक व्यक्ति के साथ अत्यंत घनिष्ठ सम्बन्ध बना लेता है. Chanakya Niti के अनुसार वह भी उसके लिए किसी काम का नहीं.

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इंसान अकेले ही इस धरती पर आता है. अकेले ही कर्म करके उनके अच्छे-बुरे परिणामों का भोग करता है और अकेले ही नर्क या स्वर्ग भी जाता है.

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Chanakya Niti कहती है कि भगवान मूर्तियों में नहीं, आपके अंदर बस्ते हैं.

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जैसे ही आपका डर आपके करीब आये. उससे डरने से बेहतर ये होगा कि आप उसको पराजित करें. ठीक वैसे ही जैसे वह साँप जो ज़हरीला नहीं है और तब भी खुद को ज़हरीला दिखाता है.

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Chanakya Niti के अनुसार जब आपकी मृत्यु सामने आएगी तब तो आप उससे मुकर नहीं सकेंगे… तो अभी ही जब तक आप जी रहे हैं तब तक एक स्वस्थ हसता खेलता जीवन जियें.

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Chanakya Niti कहती है कि इंसान अपने जन्म से नहीं, अपने कर्मो से महान बनता है.

Chanakya Niti to Think

chanakya niti

फूलों की खुशबू सिर्फ हवा की दिशा में जाती है. पर एक व्यक्ति की अच्छाइयाँ हर दिशा में जाती है.

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हमें बीते हुए कल के बारे में नहीं सोचना चाहिए. न ही आने वाले कल के बारे में परेशान रहना चाहिए. होशियारी यही है कि हम अपने आज को अच्छे से जियें और इसे बेहतर बनाएं.

chanakya niti

साँप का फन, बिच्छू के डंक और मक्खी का मुख में ज़हर होता है… पर दुष्ट व्यक्ति तो सिर से पैर तक ज़हर से ही भरा होता है.

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Chanakya Niti कहती है कि संतुष्टि जैसा कोई सुख नहीं है. संतुलित दिमाग जैसी कोई सादगी नहीं है. लालच जैसी कोई बीमारी नहीं है और दया जैसा कोई पुण्य नहीं है.

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अपमानित हो कर जीने से तो मरना अच्छा है. क्योंकि मृत्यु तो बस कुछ समय का दुःख देती है. लेकिन अपमान हमें अंदर ही अंदर खाने लगता है.

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दुनिया में पुरुष की सबसे बड़ी ताकत उसका विवेक और नारी की सबसे बड़ी ताकत उसकी खूबसूरती है.

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किसी से भी अपने रहस्यों और व्यक्तिगत बातो का ज़िक्र न करें. Chanakya Niti के अनुसार ये आपके लिए नुकसानदायी साबित हो सकता है.

chanakya niti

Chanakya Niti की सबसे महत्वपूर्ण बात बहुत ईमानदार और सीधा होना भी हानि दे सकता है. क्योंकि सीधे पेड़ और सीधे व्यक्ति सबसे पहले काटे जाते हैं.

Important Quotes

chanakya niti

जैसे हर शिखर पर मणि नहीं मिलता… सभी जंगलों में चंदन के पेड़ नहीं होते… सभी हाथियों के सर पर मोती नहीं होते… ठीक वैसे ही सज्जन पुरुष भी हर जगह नहीं मिलते हैं.

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दुष्ट राजा की सेवा में रहने वाला नौकर दुखी रहता है… गरीब होने का पाप का प्राश्चित मनुष्य कभी नहीं कर पाता.

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जिस प्रकार पत्नी के दुःख और अपने भाई-बंधुओं द्वारा किये गए अपमानों का दुख असहनीय होता है. ठीक वैसे ही उधार से दबा व्यक्ति हमेशा दुखी रहता है… इन दुखों से व्यक्ति की आत्मा अंदर ही अंदर जलती रहती है.

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ऐसी जगह जहाँ पर एक अमीर व्यक्ति, शिक्षित लोग, एक राजा, एक नदी, और एक डॉक्टर न हों. Chanakya Niti के अनुसार ऐसे स्थान पर एक क्षण भी रहना व्यर्थ है.

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परमात्मा तक पहुंचने के लिए अच्छी वाणी, अच्छे मन , इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु दिल की ज़रुरत होती है.

Bhog Se Sambandhit Chanakya Niti

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Chanakya Niti के अनुसार यदि कुबेर भी अपनी आय से अधिक खर्च करें, तो वह भी कंगाल हो जाएंगे.

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भोजन के लिए अच्छे पदार्थों का उपलब्ध होना. उन्हें पचाने की शक्ति का होना. सुन्दर पत्नी और उसे भोगने के लिए पर्याप्त कामशक्ति का होना. पर्याप्त धन के साथ-साथ दान करने की भावना होना. ये सभी सुख मनुष्य को विशेष तप के फलस्वरूप प्राप्त होते हैं.

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मूर्खता के समान ही जवानी भी दुखदायी होती है. क्योंकि जवानी में व्यक्ति कामवासना में बहक कर कोई भी मूर्खतापूर्ण कार्य कर सकता है. लेकिन Chanakya Niti कहती है कि इनसे भी अधिक कष्टदायक है दूसरे लोगों पर आश्रित रहना.

Dhan Se Sambandhit

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वेश्याएँ निर्धनों के साथ नहीं रहतीं. नागरिक कमज़ोर संगठन का समर्थन नहीं करते. पक्षी उस पेड़ पर घोंसला नहीं बनाते जिस पे फल न हों.

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हर इंसान को भविष्य में आने वाली मुसीबतों से निबटने के लिए धन संचय करते रहने चाहिए. ज़रूरत पड़ने पर उसे धन-सम्पदा को त्याग कर भी अपनी पत्नी की सुरक्षा करनी चाहिए. लेकिन Chanakya Niti कहती है कि जब बात आत्मरक्षा की हो… तो उसे धन और पत्नी दोनो को तुच्छ समझना चाहिए.

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जो इंसान किसी नाशवान वस्तु के लिए, कभी नाश न होने वाली वस्तु को छोड़ देता है. ऐसी अवस्था में उसके हाथ से अविनाशी वस्तु तो जाती ही है और निःसंदेह वह नाशवान वस्तु को भी गवा बैठता है.

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बुद्धिमान व्यक्ति अपना धन उन्ही को दिया करते हैं जो उस धन के योग्य हों, और किसी को नहीं. क्योंकि बादलों के द्वारा लिया गया समुद्र का खारा पानी भी हमेशा मीठा ही होता है.

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Chanakya Niti के अनुसार जो सुख-शांति किसी व्यक्ति को आध्यात्मिक अमृत से मिलती है. वो लालची लोगों की भटकाव से नहीं मिला करती.

Chanakya Niti on Friendship

जो लोग आपके सामने मीठी-मीठी बातें करते हैं. आपकी पीठ पीछे आपको बर्बाद करने की योजना बनाते हैं. उनसे दोस्ती भूल कर भी न करें. Chanakya Niti के अनुसार ऐसे लोग उस विष के घड़े के समान है. जिसकी ऊपरी सतह दूध से भरी है परंतु अंदर विष भरा हुआ होता है.

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जो व्यक्ति एक अच्छा मित्र नहीं है उस पर तो कभी विश्वास ना करे. मित्र अगर अच्छा भी हो तो कभी अन्धविश्वास न करें. क्योंकि ऐसे लोग आपसे अगर कभी नाराज़ हुए तो आपके सारे भेद दुनिया के सामने रख देंगे. Chanakya Niti कहती है कि दोस्ती करें पर अपने व्यक्तिगत मामलों को व्यक्तिगत ही रहने दें.

chanakya niti

एक दुष्ट व्यक्ति और सांप में अंतर है. सांप तभी डसेगा जब उसकी जान को आपसे खतरा महसूस हो. लेकिन दुष्ट व्यक्ति हर कदम पर आपका नुक्सान करने की फिराक में रहेगा.

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हर दोस्ती के पीछे एक स्वार्थ छुपा होता है. ऐसी कोई दोस्ती नहीं जहाँ कोई स्वार्थ न हो. Chanakya Niti की यह बात कड़वी है लेकिन यही सच है.

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ऐसे व्यक्ति से कभी मित्रता ना करें जो आपसे अधिक या कम प्रतिष्ठावान हो. ऐसी मित्रता से कभी आपको ख़ुशी नहीं मिलेगी. Chanakya Niti की यह बात ध्यान रखें. हमेशा समान स्तर के मित्र ही सुखदाई होते हैं.

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Chanakya Niti कहती है कि इस संसार में न कोई तुम्हारा मित्र है और ना ही कोई शत्रु. तुम्हारा विचार ही इसके लिए उत्तरदायी हैं.

Important Quotes on Friendship

chanakya niti

चरित्रहीन स्वभाव वाले या बेवजह दूसरों का नुक्सान करने वाले. अशुद्ध स्थान पर रहने वाले व्यक्ति के साथ जिसकी मित्रता होती है उसका सर्वनाश तय है. इसलिए Chanakya Niti की इस बात को मानें और कुसंगति से बचें. कोई ऐसा मित्र है भी तो जितनी जल्दी हो सके, वैसे दुष्ट व्यक्ति का साथ छोड़ दें.

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संतुलित दिमाग जैसी कोई सादगी नहीं. संतोष जैसा सुख कहीं और नहीं. लोभ के सामान कोई बीमारी नहीं, और दया जैसा कोई पुण्य नहीं.

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एक अच्छा मित्र वही है जो अपने मित्र को निम्न परिस्थितियों में कभी अकेला नहीं छोड़ता है :

  • अकाल पड़ने पर.
  • किसी दुर्घटना की स्थिति में.
  • जब आपका किसी के साथ झगड़ा हो.
  • जब आपको किसी राजभवन जाना पड़े.
  • और जब आपको श्मशान घाट जाना पड़े.

Chanakya Niti on Relationship

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ऐसे व्यक्ति ने जीते जी स्वर्ग को पा लिया जिसका पुत्र आज्ञांकारी हो. इसी जन्म में स्वर्ग के दर्शन हो गए उसको, जिसकी पत्नी उसकी इच्छा के अनुसार उससे व्यव्हार करती हो. धन्य है वह व्यक्ति जिसे अपने धन पर संतोष हो.

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पुत्र तो वह है जो अपने पिता का कहना मानता हो. पिता का दर्जा पाने लायक वह व्यक्ति है जो अपने बच्चों का पालन-पोषण करे. अच्छा मित्र वही है जिस पर आप विश्वास कर सकें. और पत्नी वही है जिससे सुख की प्राप्ति हो.

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अधिक लाड-प्यार से बच्चों में अनेक दोष उत्पन्न हो जाते हैं और कई गलत आदतें लग जाती है. उन्हें कड़ी शिक्षा देने से वे अच्छी आदतें सीखते है. इसलिए यदि वे कोई गलत काम करते हैं तो उसे नजरअंदाज़ करके लाड़-प्यार करना उचित नहीं है. Chanakya Niti के अनुसार ज़रूरत पड़ने पर बच्चों को दण्डित करना भी आवश्यक है.

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लड़की की शादी हमेशा अच्छे कुल में करें. पुत्र को अच्छी शिक्षा दें. शत्रु को आपत्ति और कष्टों में डालना चाहिए. और मित्रों को धर्म-कर्म में लगाएं रखें.

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जिस प्रकार एक सूखे पेड़ में आग लगा देने से वह पूरा जंगल जला डालता है. उसी प्रकार एक पापी पुत्र का पाप पूरे खानदान का सर्वनाश कर डालता है.

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Chanakya Niti कहती है कि पहले पाँच सालों में अपने बच्चों को प्यार से रखें. अगले पाँच साल उन्हें एक अच्छी शिक्षा में रखें. जब वह सोलह साल का हो जाए तो उसके साथ मित्र जैसा व्यवहार करें. क्योंकि हमारे वयस्क बच्चे ही हमारे सबसे अच्छे मित्र हैं.

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वह व्यक्ति जो अपने घर-परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है. उसे अक्सर भय और चिंता का सामना करना पड़ता है. क्योंकि सभी दुखों का जड़ भावनाओं के बंधन हैं. इसलिए खुश रहने कि लिए भावनाओं के बंधन को त्यगना होगा.

Important Quotes on Relationship

chanakya niti

वह व्यक्ति जो हमारी भावनाओं में रहता है वह बेहद करीब है. वास्तविकता में भले ही वह बहुत दूर ही क्यों न हो. लेकिन जो लोग हमारे हृदय में नहीं हैं वो करीब होते हुए भी हमसे बहुत दूर होते हैं.

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अपने सेवक को उस वक्त परखें जब वह काम न कर रहा हो. रिश्तेदारों को उस वक्त जब आप कठिनाई में हों. मित्र को उस वक्त परखें जब आप संकट में हों. पत्नी को तब परखें जब आप घोर विपत्ति में हों.

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अपमानित होकर जीवन जीने से बेहतर मौत है. मौत तो महज़ क्षण भर के लिए दुखदायी है. लेकिन अपमान जीवन में हर दिन दुःख ही देता है. बात बिलकुल सही है पर Chanakya Niti की यह निति आज के माहौल में लागू करना उचित नहीं है.

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संतान को बचपन में जैसी शिक्षा दी जाती है, उनका विकास उसी प्रकार होता है. इसलिए माता-पिता का कर्तव्य है कि वे उन्हें ऐसे मार्ग पर चलना सिखाएं, जिस मार्ग में उनका उत्तम चरित्र विकास हो क्योंकि गुणी सदस्यों से ही कुल की शोभा बढ़ती है.

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धन के समाप्त होने पर जिस तरह वेश्या पुरुष से मुँह मोड़ लेती है. उसी प्रकार जब राजा कमज़ोर हो जाता है तो प्रजा उसका साथ छोड़ देती है. ठीक वैसे ही जैसे वृक्षों पर बसने वाले पक्षी तभी तक उस वृक्ष पर बसेरा रखते हैं, जब तक वह वृक्ष फलदार है. Chanakya Niti की इस quote को हमेशा ध्यान रखें.

Ethical Quotes

कोई अच्छा इंसान कष्ट तभी भोगता है, जब उसे दुष्ट पत्नी का पालन पोषण करना पड़ता है. एक दुखी व्यक्ति के साथ भी अधिक मेलजोल दुख का ही कारण बनता है. Chanakya Niti की यह बात है तो सही पर जीवन साथी तो जीवन साथी ही होता है न !

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चरित्रहीन पत्नी, झूठा मित्र, बदमाश नौकर और साँप के साथ रहना मौत के समान है.

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मूर्खता हमेशा दुखदायी होती है. जवानी भी दुःख देने वाली है. लेकिन इन दोनों से और भी अधिक दुःख देने वाली बात है, किसी दूसरे व्यक्ति के घर में जाकर उसका अहसान लेना.

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साँप के फन, मक्खी के मुख और बिच्छु के डंक में ज़हर होता है… पर दुष्ट व्यक्ति तो इससे भरा होता है.

Chanakya Niti on Success

व्यक्ति को कभी भी मन में सोचे हुए कार्य को किसी के सामने प्रकट नहीं करनी चाहिए. बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाएँ रखें. जो भी कार्य करना है, उसे अपने मन में रखते हुए पूरी दृढ़ता के साथ समय आने पर उसे पूरा करना चाहिए.

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जब भी आप किसी कार्य की शुरुआत करें, तो असफलता से न डरें और उस कार्य को पूरा करने में दृढ रहें. Chanakya Niti कहती है किजो लोग दृढ़ता से कार्य करते हैं वो हमेशा प्रसन्न रहते हैं.

chanakya niti

शेर से सीखी जाने वाली एक उत्कृष्ट बात यह है कि इंसान जो कुछ भी करना चाहता है. उसका पूरे दिल से दृढ़ता के साथ ज़ोरदार प्रयास करता रहे. सचमुच Chanakya Niti की यह quote बहुत असरदार है.

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किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले, खुद से तीन सवाल ज़रूर करें. – यह मैं क्यों कर रहा हूँ? इसके परिणाम क्या हो सकते हैं ? क्या मैं इस कार्य में सफल हो सकता हूँ ? गहराई से मनन करने पर जब इन प्रश्नों के उत्तर मिल जाएँ, तभी आगे बढ़ें.

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नदी के किनारे लगे वृक्षों का जीवन हमेशा अनिश्चित ही होता है. क्योंकि नदियाँ अपने किनारे के कटाव से किनारे वाले वृक्षों को खुद में समां लेती हैं. ठीक ऐसे ही दूसरे के घरों में रहने वाली महिला भी किसी समय पतन के मार्ग पर जा सकती है. इसी प्रकार जब किसी राजा के पास उचित सलाह देने वाला मंत्री नहीं होता. वह राजा भी बहुत समय तक सुरक्षित नहीं रह सकता.

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हर इंसान अपने कर्मों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं.

Chanakya Niti on Life

chanakya niti

जहाँ आपकी कोई इज़्ज़त न हो. जहाँ आपका कोई दोस्त न हो. जहाँ आप अपना पेट नहीं पाल सकते, और जहाँ आप कोई ज्ञान अर्जित नहीं कर सकते, Chanakya Niti कहती है उस देश में रहना व्यर्थ है.

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झूठा मित्र, बदमाश नौकर और दुष्ट पत्नी के साथ निवास करने से बेहतर है कि मृत्यु आ जाए. Chanakya Niti को कभी झुठलाया नहीं जा सकता, पर ज़िन्दगी है… चलता है…

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एक मूर्ख व्यक्ति को उपदेश देना किसी के लिए भी व्यर्थ है.

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यदि कोई दुष्ट पत्नी का पोषण करता है या किसी नकारात्मक व्यक्ति के साथ अत्यंत घनिष्ठ सम्बन्ध बना लेता है, वह उसके लिए किसी काम का नहीं.

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Chanakya Niti कहती है कि इंसान अकेले ही इस धरती पर आता है. अकेले ही कर्म करके उनके अच्छे-बुरे परिणामों का भोग करता है. और अकेले ही नर्क या स्वर्ग भी जाता है.

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Chanakya Niti के अनुसार भगवान मूर्तियों में नहीं, आपके अंदर बस्ते हैं.

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जैसे ही आपका डर आपके करीब आये. उससे डरने से बेहतर ये होगा कि आप उसको पराजित करें. ठीक वैसे ही जैसे वह साँप जो ज़हरीला नहीं है और तब भी खुद को ज़हरीला दिखाता है.

MOST IMPORTANT

जब आपकी मृत्यु सामने आएगी तब तो आप उससे मुकर नहीं सकेंगे, तो अभी ही जब तक आप जी रहे हैं तब तक एक स्वस्थ हसता खेलता जीवन जियें.

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Chanakya Niti कहती है कि इंसान अपने जन्म से नहीं, अपने कर्मो से महान बनता है.

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फूलों की खुशबू सिर्फ हवा की दिशा में जाती है. पर एक व्यक्ति की अच्छाइयाँ हर दिशा में जाती है.

chanakya niti

हमें बीते हुए कल के बारे में नहीं सोचना चाहिए और न ही आने वाले कल के बारे में परेशान रहना चाहिए. होशियारी यही है कि हम अपने आज को अच्छे से जियें और इसे बेहतर बनाएं.

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साँप का फन, बिच्छू के डंक और मक्खी का मुख में ज़हर होता है. पर दुष्ट व्यक्ति तो सिर से पैर तक ज़हर से ही भरा होता है.

Chanakya Quotes

संतुष्टि जैसा कोई सुख नहीं है. संतुलित दिमाग जैसी कोई सादगी नहीं है. लालच जैसी कोई बीमारी नहीं है और दया जैसा कोई पुण्य नहीं है.

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Chanakya Niti के अनुसार अपमानित हो कर जीने से तो मरना अच्छा है. क्योंकि मृत्यु तो बस कुछ समय का दुःख देती है. लेकिन अपमान हमें अंदर ही अंदर खाने लगता है. Chanakya Niti की यह quote आज के अनुसार उचित नहीं है.

chanakya niti

दुनिया में पुरुष की सबसे बड़ी ताकत उसका विवेक और नारी की सबसे बड़ी ताकत उसकी खूबसूरती है.

chanakya niti

Chanakya Niti की यह बात हमेशा याद रखें किसी से भी अपने रहस्यों और व्यक्तिगत बातो का ज़िक्र न करें. ये आपके लिए नुकसानदायी साबित हो सकता है.

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बहुत ईमानदार और सीधा होना भी हानि दे सकता है. क्योंकि सीधे पेड़ और सीधे व्यक्ति सबसे पहले काटे जाते हैं.

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जैसे हर शिखर पर मणि नहीं मिलता… सभी जंगलों में चंदन के पेड़ नहीं होते… सभी हाथियों के सर पर मोती नहीं होते… ठीक वैसे ही सज्जन पुरुष भी हर जगह नहीं मिलते हैं.

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Chanakya Niti के अनुसार दुष्ट राजा की सेवा में रहने वाला नौकर दुखी रहता है… गरीब होने का पाप का प्राश्चित मनुष्य कभी नहीं कर पाता.

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जिस प्रकार पत्नी के दुःख और अपने भाई-बंधुओं द्वारा किये गए अपमानों का दुख असहनीय होता है. ठीक वैसे ही उधार से दबा व्यक्ति हमेशा दुखी रहता है… Chanakya Niti के अनुसार इन दुखों से व्यक्ति की आत्मा अंदर ही अंदर जलती रहती है.

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परमात्मा तक पहुंचने के लिए अच्छी वाणी, अच्छे मन , इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु दिल की ज़रुरत होती है.

Chanakya Niti on Education

हर व्यक्ति के लिए शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है. शिक्षित इंसान को हर जगह पर सम्मान दिया जाता है. शिक्षा हमेशा सौंदर्य और यौवन को परास्त करती रहती है.

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Chanakya Niti के अनुसार किसी अज्ञानी के लिए किताबें उतनी ही मायने रखती हैं. जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए दर्पण.

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ऐसे माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक शत्रु के समान हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को ‍उचित शिक्षा नहीं दी. क्योंकि अनपढ़ व्यक्ति विद्वानों के समूह में उसी प्रकार अपमानित होता रहता है जैसे हंसों के झुंड में बगुला. अशिक्षित इंसान बिना पूँछ के जानवर जैसा होता है. इसलिए Chanakya Niti के अनुसार हरेक माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा दें जिससे वे अपने समाज की शोभा बढ़ाएं.

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मनुष्य का जन्म बहुत सौभाग्य से मिलता है. इसलिए हमें अपने अधिक समय का शास्त्रों के अध्ययन में तथा दान-पूण जैसे कार्यों में ही सदुपयोग करना चाहिए.

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एक बुद्धिमान पिता अपने बच्चों को अच्छे गुण सिखाता है. क्योंकि ज्ञानियों को हीं कुल में महत्व दी जाती है.

chanakya niti

वैसा इंसान जिसका ज्ञान सिर्फ किताबों में ही सीमित है. जिसका धन दूसरों के कब्ज़े मैं है. वह ज़रुरत पड़ने पर ना अपना ज्ञान का प्रयोग कर सकता है और ना ही धन का.

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Chanakya Niti के अनुसार एक अशिक्षित व्यक्ति का जीवन उसी तरह से बेकार है जैसे की कुत्ते की पूँछ. जो ना उसके पीछे का भाग ढकती है. ना ही उसे कीड़े-मकौडों के डंक से बचाती है.

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सारस की तरह एक बुद्धिमान व्यक्ति को अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए. अपने उद्देश्य को स्थान की जानकारी, समय और योग्यता के अनुसार प्राप्त करना चाहिए.

Chanakya Niti on Notion

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जब किसी व्यक्ति का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की कोई आवश्यकता नहीं. जिस इंसान के पास प्रसिद्धि है तो उसे और किसी श्रृंगार की कोई आवश्यकता नहीं.

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पृथ्वी सत्य की शक्ति द्वारा नियंत्रित है. ये सत्य की ही शक्ति है जो सूरज को चमक और हवा को वेग देती है. दरअसल Chanakya Niti के अनुसार सभी चीजें सत्य पर ही आधारित हैं.

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Chanakya Niti कहती है कि हमें कभी भी अपने बीते हुए दिनों के बारे में सोचकर पछतावा नहीं करना चाहिए. ना ही कभी अपने भविष्य के बारे में सोचकर चिंतित होना चाहिए. बुद्धिमान लोग हमेशा वर्तमान में जीते हैं.

chanakya niti

घोर परेशानियों से बुद्धिमान व्यक्ति भी तब घिर जाता है. जब वह किसी मूर्ख व्यक्ति को यह समझाने की कोशिश करता है कि क्या उचित है और क्या अनुचित.

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ब्राह्मणों की शक्ति विद्या है. राजाओं का बल उनकी सेना है. वैश्यों का बल उनकी संपत्ति और शूद्रों का बल लोगों की सेवा करना है. ब्राह्मणों का कर्तव्य है कि वे विद्या ग्रहण करें. राजाओं का कर्तव्य है कि वे अपने सिपाहियों द्वारा अपनी शक्ति को निरंतर बढ़ाते रहें. वैश्यों का कर्तव्य है कि वे व्यापार द्वारा अपना धन बढ़ाएं. शूद्रों का कर्तव्य है लोगों की सेवा करें.

Chanakya Niti on Women

Chanakya Niti के अनुसार स्त्रियों में पुरुषों की अपेक्षा भूख दो गुना. शर्म चार गुना, साहस छः गुना, और काम की भावना आठ गुना होती है.

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दुनिया में पुरुषों की सबसे बड़ी शक्ति उसकी जवानी है और स्त्रियों की शक्ति उसकी सुन्दरता.

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निर्दयता, दुस्साहस, अपवित्रता, लालच, झूठ, उतावलापन, छल-कपट और मूर्खता. Chanakya Niti के अनुसार ये महिलाओं के स्वाभाविक दोष हैं.

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Chanakya Niti कहती है कि हमें प्रतष्ठित कुल की कन्या से हीं शादी करनी चाहिए. किसी बुरे कुल की बहुत सुंदर कन्या से कभी विवाह नहीं करना चाहिए. विवाह हमेशा बराबरी वाले घरों में ही अच्छा होता है.

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Chanakya Niti के अनुसार संभव हो तो ज़हर से भी अमृत निकाल लेना चाहिए. साथ में Chanakya Niti कहती है कि सोना किसी तुच्छ स्थान पे भी पड़ा हो तो उसे उठा लेना चाहिए. इसके बाद Chanakya Niti की यह बात हमेशा याद रखें कि ग्यानी व्यक्ति जिसने नीच कुल में जन्म लिया हो. उससे भी ज्ञान लेना चाहिए. Chanakya Niti की सबसे अच्छी बात. बदनाम कुल की स्त्री भी महान गुणों से सम्पन्न हो तो उसके गुणों को ग्रहण करना चाहिए.

 

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